महामारी ने दुनिया भर की महिलाओं पर गंभीर असर डाला है। सबसे ज्यादा नुकसान नौकरीपेशा महिलाओं को हुआ है। महामारी की वजह से पिछले एक साल में दुनिया भर में 6.4 करोड़ महिलाओं को नौकरी गंवानी पड़ी, यानी हर 20 कामकाजी महिलाओं में से एक को। यह खुलासा बिल एंड मेलिंडा फाउंडेशन की हाल ही में जारी रिपोर्ट में हुआ है। इसमें कहा गया है कि महिलाओं पर ज्यादा असर इसलिए पड़ा, क्योंकि सबसे ज्यादा नुकसान महिला कर्मचारियों की अधिकता वाले रीटेल, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर पर पड़ा है। इनमें करीब 40% कर्मचारी महिलाएं हैं।

वहीं स्कूल बंद होने की वजह से महिलाओं पर घर-परिवार और बच्चों की देखभाल का दबाव भी बढ़ा है। अब वे बच्चों की देखभाल में पिछले साल की तुलना में हर हफ्ते 31 घंटे गुजार रही है, जबकि पिछले साल यह हफ्ते के 26 घंटे था। रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं की नौकरी को लेकर एक जैसा पैटर्न देखा गया है। लगभग हर देश में पुरुषों की तुलना में महिलाओं ने ज्यादा नौकरी खोई है।

इनमें कोलंबिया, कोस्टारिका, इक्वाडोर और चिली जैसे देशों में पुरुषों की तुलना में नौकरी गंवाने वाली महिलाओं की संख्या ज्यादा हैं। ऐसे शीर्ष-10 देशों में अमेरिका, कनाडा, स्पेन और ब्राजील भी हैं। महिलाओं की स्थिति सुधारने के लिए 4 तरीके भी सुझाए गए हैं- डिजिटल मजबूती, कारोबार में मदद, नीति बनाते वक्त हर क्षेत्र की महिला का ध्यान रखा जाए, केयरगिविंग को भी नौकरीपेशा जैसी अहमियत मिले।

महिलाओं में निवेश से सबका जीवन स्तर सुधरेगा: रिपोर्ट
रिपोर्ट में कहा गया है कि महिलाओं पर निवेश से हर किसी का जीवन स्तर सुधरता है। उन्हें अर्थव्यवस्था का हिस्सा न बनाने पर जीडीपी में गिरावट आती है। इसका उदाहरण ओईसीडी देश है, जहां नौकरियों में महिलाएं कम होने से जीडीपी करीब 15% तक घट गई है।