छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष और भाजपा के संस्थापक नेताओं में से एक बद्रीधर दीवान का मंगलवार शाम को निधन हो गया। वे 92 वर्ष के थे। अस्वस्थता की वजह से पिछले दिनों उन्हें बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

नवम्बर 1929 को बिलासपुर के देवरी गांव में जन्में बद्रीधर दीवान 70 के दशक में राजनीति में आए थे। 1977 में वे जनता पार्टी के बिलासपुर जिलाध्यक्ष बनाए गए। तबसे भाजपा और संघ की राजनीति में उनका महत्वपूर्ण स्थान बना रहा। 1980 में मध्य प्रदेश भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष भी रहे। 1990 में वे पहली बार मध्य प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए। छत्तीसगढ़ बनने के बाद उन्होंने विधानसभा में तीन बार बेलतरा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2005 और 2015 में उन्हें विधानसभा का उपाध्यक्ष भी चुना गया था। अधिक उम्र की वजह से 2018 के विधानसभा चुनाव में वे नहीं उतरे। इसके बावजूद यहां से भाजपा के रजनीश कुमार सिंह को आसानी से जीत हासिल हो गई। इसे बद्रीधर दीवान का भी प्रभाव बताया जाता है।

पिछले वर्ष भी गंभीर हुई थी स्थिति
बताया जा रहा है, पिछले वर्ष अप्रैल के आखिरी सप्ताह में भी बद्रीधर दीवान की तबीयत बिगड़ी थी। उन्हें बिलासपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां कुछ दिनों के इलाज के बाद वे कुछ स्वस्थ होकर लौटे थे। हालांकि अधिक उम्र की वजह से उनकी सेहत कभी पूरी तरह से ठीक नहीं रही।

विधानसभा अध्यक्ष ने दी श्रद्धांजलि
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष बद्रीधर दीवान के निधन पर गहरा शोक जताया। डॉ. महंत ने कहा, वे मृदुभाषी, मिलनसार, कुशल प्रशासक एवं संवेदनशील जन प्रतिनिधि थे। अपने लम्बे राजनीतिक जीवन में उन्होंने सदैव मूल्यों की राजनीति की। इसके माध्यम से उन्होंने प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य में अपना विशेष मुकाम हासिल किया है।

मुख्यमंत्री ने भी जताया शोक
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष बद्रीधर दीवान के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा, वे मृदुभाषी एवं संवेदनशील जन प्रतिनिधि थे। उनका निधन प्रदेश के लिये अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने भगवान से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।